G-36 Digital Chair Pair Game
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सामग्री : ० से ९ वाले कार्ड के २ सेट, ४ खुर्शी, २० स्पर्धक, २ सुपरवाईजर, २ सीटी
खेलने की रीत: १० स्पर्धक की १ टीम, दूसरे १० स्पर्धक की दूसरी टीम बनानी है।उनके गले में ० से ९ के कार्ड डालकर बिठाना है, सामने ४ खुर्शी लगानी है, समजो की टीचर बोले "सुपन" तो जिसके गले में १ नंबर है वह पहली खुर्शी में और जिसके गले में ४ नंबर है वह दूसरी खुर्शी में बेठेंगे, समजो की 'क्षेत्र' बोला तो, ०७ की मुताबिक स्पर्धक को बेठना है, दूसरी टीम भी इसी तरह ३ और ४ नंबर की खुर्शी पर बेठेंगी, जो टीम पहले बेठेंगी उसका सुपरवाइजर सीटी बजायेगा, उसे १० पोइन्ट मीलेगा, इसी तरह "भगवान, लांछन, पापस्थानक" इत्यादि बोलना है, टीम आपस में चर्चा विचारणा कर सकती है, स्पर्धक ज्यादा हो तो इसी तरह १० - १० की और भी टीम बना सकते हो।
सिर्फ सुपरवाइजर के लिए
९) के नीचे की विगत आसान है, इसलिए नहीं लिखी
१०) त्रिक, मन के दोष, वचन के दोष
१२) भावना, तप, व्रत, अंग, काया के दोष
१३) तिलक
१४) सुपन, गुणस्थानक, नियम, श्रुतज्ञान के भेद
१५) परमाधामी, कर्मादान
१६) सतीया
१८) पापस्थानक, पौषध के दोष
१९) काउसग्ग के दोष
२०) स्थानक आराधना, विहरमान तीर्थकर
२१) शत्रुंजय ट्रंक
२४) लांछन, भगवान के नाम
कोइ भी भगवान का नाम बोलना है, उदा. विमलनाथ तो, १ नंबर वाले को पहली खुर्शी पर और ३ नंबर वाले को दूसरी खुर्शी पर बेठना है। इसी तरह कोइ भी लांछन का नाम, सुपन का नाम, पापस्थानक का नाम, इत्यादि अरिहंत इत्यादि पद के गुण उदा. अरिहंत के गुण (१२), तथा ४५ आगम, ५१ ज्ञान के कुल भेद, २८ मतिज्ञान के भेद इत्यादि



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